उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: यमुनोत्री हाईवे, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और सिमली-ग्वालदम हाईवे सहित कई प्रमुख मार्ग बाधित
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। यमुनोत्री हाईवे से लेकर केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और सिमली-ग्वालदम हाईवे तक कई प्रमुख सड़कें मलबा, चट्टान और पेड़ गिरने से बाधित रहीं। कई स्थानों पर श्रद्धालु और स्थानीय लोग फंस गए, जबकि पिंडरघाटी में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति और बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
बड़कोट में रातभर हुई बारिश के बाद यमुनोत्री हाईवे सिलाई बैंड, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी समेत कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से बंद हो गया। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही रुक गई। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण हाईवे खोलने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
कर्णप्रयाग-बेनीताल मोटर मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया। वहीं लंगासू में एक मकान के पीछे का पुश्ता टूट गया। रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा बाजार में गदेरे के उफान से भारी मात्रा में मलबा केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया, जिससे यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। एनएच विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग दोबारा खोल दिया।
अपडेट:
-यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से बंद, श्रद्धालु फंसे।
-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग तिलवाड़ा में मलबा आने के बाद जेसीबी से साफ कर यातायात बहाल।
-सिमली-ग्वालदम हाईवे आमसौड़ के पास चट्टान खिसकने से पूरी तरह बंद।
-कर्णप्रयाग-बेनीताल मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित।
-पिंडरघाटी में जरूरी सामान की आपूर्ति और बस सेवाएं प्रभावित, कई क्षेत्रों में बिजली भी गुल।

सिमली-ग्वालदम हाईवे पूरी तरह बंद
वहीं चमोली जिले में बगोली-नलगांव के बीच आमसौड़ के पास चट्टान खिसकने से सिमली-ग्वालदम हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। यहां पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। लगातार बारिश के कारण बीआरओ को सड़क खोलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नारायणबगड़ क्षेत्र में हाईवे बंद होने से पिंडरघाटी में दूध, सब्जी जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो गई। लंबी दूरी की बस सेवाएं भी ठप रहीं। गुरुवार सुबह से बिजली आपूर्ति बाधित है, जबकि पिंडर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा
उधर स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात अब भी सामान्य नहीं हो सके हैं। पिछले एक सप्ताह से कई होटलों की पहली मंजिल तक पानी भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और कारोबारियों की परेशानियां बनी हुई हैं।

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं अलकनंदा और मंदाकिनी
रुद्रप्रयाग जिले में बुधवार रात से जारी बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर 627.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 627.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 626.60 मीटर रहा, जबकि इसका खतरे का निशान 626.00 मीटर है। पिछले 24 घंटे में ऊखीमठ में 53.30 मिमी, जखोली में 59.00 मिमी और रुद्रप्रयाग में 16.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नगर पालिका और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी तटों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के समीप नहीं जाने की अपील की जा रही है।
